धर्म के अनुसार एक ही गोत्र में शादी न करने के तथ्य को विज्ञान ने भी माना सही, बताया एक ही गोत्र में शादी करने से झेलनी पड़ सकती है मुसीबत
शादी-विवाह से जुड़ी हर देश एवं धर्म की अलग-अलग परम्परायें होती हैं। और हर व्यक्ति अपने धर्म से जुड़ी परम्पराओं का पालन भी करता है। हालांकि आज की पीढियां इन सब बातों को मन से मानने को तैयार नही होती है। और इसे रूढ़िवादिता का नाम देने लगी है। परन्तु आपको यह पता होना चाहिए कि सदियों से चले आ रहे इन परम्पराओं के पीछे कुछ न कुछ तथ्य भी छुपे होते थे। आज हम ऐसी ही एक नियम का वर्णन करने जा रहे हैं जो न केवल उचित है अपितु विज्ञान ने भी इस बात को स्वीकार किया है। जैसा कि हम सब जानते हैं कि हिन्दू धर्म मे विवाह से जुड़ी कई धार्मिक मान्यताये हैं। उन्ही में से एक मान्यता है कि हिन्दू धर्म में जब भी किसी व्यक्ति की शादी होती है तो शादी से पहले गोत्र और कुल का ख़ास ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार एक ही गोत्र में शादी करना पाप होता है। सदियों से चली आ रही इस परम्परा को लोग आज भी मानते हैं। पर क्या आपको इस मान्यता के पीछे की वजह पता है कि आखिर क्यों इस मान्यता की शुरूआत हुई। नही ना, चलिये हम आपको बताते हैं- ●एक ही गोत्र में शादी ना करने के पीछे की मान्यता- शास्त्रों के अ...






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